नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की साल 2024 की ताजा रिपोर्ट ने राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सभी मेट्रो शहरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में दिल्ली लगातार शीर्ष पर बनी हुई है।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2024 में दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 13,396 मामले दर्ज किए गए, जबकि साल 2023 में यह संख्या 13,366 थी। यानी एक साल में मामलों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।

रिपोर्ट में छेड़छाड़, घरेलू हिंसा, पीछा करना, अपहरण और दुष्कर्म जैसे मामलों को महिलाओं के खिलाफ अपराध की प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आबादी, शहरी दबाव और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों के कारण राजधानी में अपराध नियंत्रण बड़ी चुनौती बना हुआ है।

एनसीआरबी रिपोर्ट में बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। खासकर अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाने वाले अपराधों में वृद्धि देखी गई है। इसके चलते पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और सामुदायिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की मांग उठ रही है।

वहीं, तमिलनाडु को लेकर जारी आंकड़ों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में महिलाओं के खिलाफ कुल 4,41,534 मामले दर्ज किए गए, जो वर्ष 2023 की तुलना में 1.5 प्रतिशत कम हैं।

हालांकि मामलों में कमी दर्ज की गई है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराध अब भी गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 27.2 प्रतिशत मामले पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता और महिलाओं के अपहरण से जुड़े रहे। घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित अपराधों का बड़ा हिस्सा इन्हीं श्रेणियों में दर्ज किया गया।

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