वॉशिंगटन/तेहरान, 19 जून 2026
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। दोनों देशों ने एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति जताई है, लेकिन अंतिम शांति समझौते तक पहुंचने का रास्ता अभी भी आसान नहीं माना जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। इस दौरान दोनों पक्ष तकनीकी और रणनीतिक मुद्दों पर विस्तृत बातचीत करेंगे। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के संकेत दिए हैं।
हालांकि, इस समझौते को लेकर कई चुनौतियां सामने हैं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह तभी आगे बढ़ेगा जब इजरायल लेबनान पर अपने सैन्य अभियान बंद करेगा। दूसरी ओर, इजरायल ने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं, जिससे समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने भी प्रारंभिक समझौते को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ सहमति उनकी व्यक्तिगत सोच से अलग थी, लेकिन राष्ट्रीय हितों को देखते हुए इसे स्वीकार किया गया।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे बड़ी कूटनीतिक सफलता बताते हुए मध्य पूर्व में पूर्ण युद्धविराम की उम्मीद जताई है। उन्होंने सभी पक्षों से अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने की अपील की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इजरायल-लेबनान मोर्चे पर तनाव कम नहीं हुआ, तो अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौता अंतिम रूप लेने से पहले ही संकट में पड़ सकता है।


