07 मई 2026 | नई दिल्ली

वेदांता समूह ने अपने बड़े डिमर्जर प्रक्रिया को पूरा करने की दिशा में अहम कदम बढ़ा दिया है। कंपनी के चेयरमैन Anil Agarwal ने इसे कंपनी और निवेशकों के लिए “ऐतिहासिक कदम” बताया है। इस डिमर्जर के बाद वेदांता का कारोबार 5 अलग-अलग कंपनियों में विभाजित हो जाएगा, जिससे प्रत्येक बिजनेस पर अलग फोकस और बेहतर ग्रोथ की संभावना बढ़ेगी।

डिमर्जर के तहत एल्युमीनियम, ऑयल एंड गैस, पावर, आयरन-स्टील और बेस मेटल्स कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटा जाएगा। कंपनी के अनुसार, जिन निवेशकों के पास 1 मई 2026 की रिकॉर्ड डेट तक वेदांता के शेयर मौजूद थे, उन्हें बड़ा फायदा मिलेगा। हर 1 शेयर पर निवेशकों को 4 नई कंपनियों के 1-1 शेयर मुफ्त दिए जाएंगे, जबकि मूल वेदांता का शेयर भी उनके पास बना रहेगा। यानी एक शेयर के बदले कुल 5 कंपनियों में हिस्सेदारी मिलेगी।

कंपनी के मुताबिक रिकॉर्ड डेट के बाद आमतौर पर 30 से 45 दिनों के भीतर नए शेयर निवेशकों के डीमैट खाते में जमा कर दिए जाते हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जून 2026 के मध्य तक नई कंपनियों के शेयर निवेशकों के खाते में क्रेडिट हो सकते हैं और उनकी शेयर बाजार में लिस्टिंग भी हो सकती है।

डिमर्जर के बीच वेदांता ने शानदार तिमाही नतीजे भी पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा 89 प्रतिशत बढ़कर 9,352 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि कर्ज पिछले 14 तिमाहियों के सबसे निचले स्तर पर आ गया है।

Anil Agarwal ने भविष्य की योजनाओं पर भी जोर देते हुए कहा कि कंपनी एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता को दोगुना करने और तेल उत्पादन को प्रतिदिन 5 लाख बैरल तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह डिमर्जर न केवल निवेशकों के लिए अवसर पैदा करेगा, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देगा।

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