जगदलपुर, 16 जुलाई। बस्तर के विश्व प्रसिद्ध तीरथगढ़ जलप्रपात की खूबसूरती एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह पर्यटन नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर उठा विवाद है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान स्थित तीरथगढ़ वॉटरफॉल में पर्यटकों और वन कर्मचारियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में कुछ युवक जलप्रपात के भीतर नहाते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान उन्हें रोकने पहुंचे वन कर्मचारियों और पर्यटकों के बीच कहासुनी शुरू हो जाती है, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मामला इतना बढ़ गया कि कथित तौर पर मारपीट जैसी स्थिति भी बन गई।
दरअसल, यह घटना केवल एक विवाद नहीं, बल्कि पर्यटन स्थलों पर बढ़ती लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की ओर भी इशारा करती है। लगभग 50 फीट ऊंचे तीरथगढ़ जलप्रपात में नहाना प्रतिबंधित और बेहद जोखिम भरा माना जाता है। इसके बावजूद कई पर्यटक रोमांच के नाम पर अपनी जान खतरे में डालते हुए नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
घटना के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या पर्यटकों को सुरक्षा नियमों की पर्याप्त जानकारी दी जा रही है? क्या चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है? वहीं, नियमों का पालन कराने के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों का व्यवहार भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल वायरल वीडियो के आधार पर दरभा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। तीरथगढ़ की यह घटना एक बार फिर यह संदेश दे रही है कि पर्यटन स्थलों पर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।
